HPV वैक्सीन ने रचा इतिहास
इंग्लैंड में पहली बार ऐसा हुआ है कि 20 से 24 वर्ष आयु वर्ग की किसी भी महिला की सर्वाइकल कैंसर से मृत्यु नहीं हुई। वर्ष 2020 से 2024 के बीच पांच वर्षों की अवधि में इस आयु वर्ग में एक भी मौत दर्ज नहीं की गई। विशेषज्ञ इस उपलब्धि का श्रेय HPV (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) वैक्सीन को दे रहे हैं।
यह निष्कर्ष जून 2026 में प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल द लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन में सामने आया है, जिसे लंदन स्थित क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने किया।
लैंसेट अध्ययन में HPV वैक्सीन की प्रभावशीलता साबित
शोधकर्ताओं ने वर्ष 2001 से 2024 तक इंग्लैंड में 20 से 34 वर्ष की महिलाओं के सर्वाइकल कैंसर मृत्यु आंकड़ों का विश्लेषण किया।
अध्ययन के अनुसार, 2020 से 2024 के बीच 20-24 वर्ष की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर से मृत्यु दर में 100 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि यदि HPV वैक्सीन कार्यक्रम नहीं होता तो इस अवधि में लगभग 23 महिलाओं की मृत्यु हो सकती थी।
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उच्च टीकाकरण कवरेज बनी सफलता की कुंजी
अध्ययन में पाया गया कि प्रभावित आयु वर्ग की लगभग 88 से 90 प्रतिशत लड़कियों को 12-13 वर्ष की आयु में HPV वैक्सीन दी गई थी। इंग्लैंड में यह टीकाकरण स्कूल आधारित राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत किया जाता है।
HPV एक ऐसा वायरस है जो लगभग 99 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर मामलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है। यह वायरस मुख्य रूप से यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है।
HPV वैक्सीन ने बचाई सैकड़ों महिलाओं की जान
अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर पीटर ससिएनी ने कहा कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र की एक बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा, “यह अविश्वसनीय है कि 2020 से 2024 के बीच पूरे इंग्लैंड में 20 से 24 वर्ष की आयु की किसी भी महिला की सर्वाइकल कैंसर से मृत्यु नहीं हुई। इसका श्रेय उन लगभग 90 प्रतिशत युवतियों को जाता है जिन्होंने किशोरावस्था में HPV वैक्सीन प्राप्त की थी।”
शोधकर्ताओं के अनुसार, HPV वैक्सीन कार्यक्रम शुरू होने के बाद से इंग्लैंड में लगभग 200 युवा महिलाओं की जान बचाई जा चुकी है।
अन्य आयु वर्गों में भी घटी मृत्यु दर
अध्ययन में यह भी पाया गया कि HPV वैक्सीन का लाभ अन्य आयु वर्गों में भी देखने को मिला।
- 2015-2019 के दौरान 20-24 वर्ष आयु वर्ग में मृत्यु दर 80 प्रतिशत घटी।
- 2020-2024 के दौरान 25-29 वर्ष आयु वर्ग में मृत्यु दर 69 प्रतिशत कम हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में टीकाकरण का प्रभाव और अधिक स्पष्ट दिखाई देगा।
WHO ने रखा है वैश्विक लक्ष्य
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वर्ष 2030 तक 15 वर्ष की आयु से पहले 90 प्रतिशत लड़कियों को HPV वैक्सीन देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विभिन्न देशों में टीकाकरण कवरेज बढ़ता है तो सर्वाइकल कैंसर को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त किया जा सकता है।
HPV वैक्सीन क्यों है जरूरी?
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है। यह गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) की कोशिकाओं में विकसित होता है और इसका प्रमुख कारण HPV संक्रमण है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि HPV वैक्सीन, नियमित स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के सबसे प्रभावी उपाय हैं। इंग्लैंड का अनुभव यह साबित करता है कि व्यापक टीकाकरण कार्यक्रम हजारों महिलाओं की जान बचा सकते हैं।



