Monday, October 12, 2026

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प्रेगनेंसी के दौरान Paracetamol का सेवन बढ़ा सकता है Autism और ADHD का खतरा

विशेषज्ञों ने प्रेग्नेंट महिलाओं को सलाह दी कि पैरासिटामॉल का इस्तेमाल कम से कम और सोच-समझकर करें। हालांकि, इसे अचानक बंद करने से मना किया गया।

दुनिया में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल की जाने वाली दर्दनिवारक दवा पैरासिटामॉल प्रेगनेंसी के दौरान बच्चों में ऑटिज़्म और अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर(ADHD) का खतरा बढ़ा सकती है। यह दावा एक नए अध्ययन में किया गया है।

यह शोध माउंट सिनाई और हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के वैज्ञानिकों ने किया। इसमें 46 अध्ययनों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया, जिनमें 1 लाख से अधिक लोग शामिल थे। शोधकर्ताओं ने नेविगेशन गाइड सिस्टेमैटिक रिव्यू मेथडोलॉजी का इस्तेमाल किया, जिसे पर्यावरणीय स्वास्थ्य जोखिमों के मूल्यांकन के लिए स्वर्ण-मानक माना जाता है।

अध्ययन में जांच की गई कि प्रेगनेंसी के दौरान पैरासिटामॉल कब-कब लिया गया—पहली, दूसरी या तीसरी तिमाही में या पूरी गर्भावस्था में—और इसे माताओं के मेडिकल रिकॉर्ड से जोड़ा गया।

बीएमसी एनवायरनमेंटल हेल्थ में प्रकाशित इस अध्ययन में पाया गया कि उच्च गुणवत्ता वाले शोध अधिक स्पष्ट रूप से पैरासिटामॉल सेवन और बच्चों में ऑटिज़्म व एडीएचडी के बीच संबंध दिखाते हैं। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी—“इस दवा के व्यापक उपयोग को देखते हुए, जोखिम में हल्की भी वृद्धि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर हो सकती है।”

विशेषज्ञों ने प्रेग्नेंट महिलाओं को सलाह दी कि पैरासिटामॉल का इस्तेमाल कम से कम और सोच-समझकर करें। हालांकि, इसे अचानक बंद करने से मना किया गया। माउंट सिनाई के डॉ. डिडियर प्रादा ने कहा—”प्रेग्नेंट महिलाएं बिना डॉक्टर से सलाह लिए दवा लेना बंद न करें। बिना इलाज का दर्द या बुखार भी बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है। सबसे सुरक्षित विकल्पों पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ से चर्चा करना और जहाँ संभव हो गैर-दवाइयों का उपयोग करना ज़रूरी है।”

पैरासिटामॉल के संभावित जोखिम केवल प्रेगनेंसी तक सीमित नहीं हैं। 2024 में यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम के शोध में पाया गया कि इसका नियमित सेवन पेप्टिक अल्सर ब्लीडिंग का 24%, लोअर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग का 36%, क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ का 19%, हार्ट फेल्योर का 9% और हाई ब्लड प्रेशर का 7% तक जोखिम बढ़ा सकता है।

इस दवा के वैश्विक स्तर पर व्यापक उपयोग को देखते हुए, यह निष्कर्ष सावधानी बरतने, डॉक्टर की सलाह लेने और गर्भावस्था में दर्द के प्रबंधन के लिए सुरक्षित विकल्प खोजने की आवश्यकता पर जोर देते हैं।

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